Tuesday, March 19, 2013

प्रेम की सौगात


बड़ा मज़बूत है 
तेरी यादों का दरख्‍़त
वक्‍त की आंधि‍यों ने भी
अब झुका लि‍या है सर 

छोड़ो शि‍कवे सारे 
और
चूम भी लो अब
फूलों की पंखुडि‍यां
कि जाते बसंत ने 
प्रेम की सौगात भेजी है....

तस्‍वीर--मेरे गमले में  खि‍ला मौसम का पहला बेली का फूल

8 comments:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

सुंदर अभिव्यक्ति,,,,

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Rajendra Kumar said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,आभार.

शालिनी कौशिक said...

.बहुत सुन्दर भावनात्मक प्रस्तुति आभार हाय रे .!..मोदी का दिमाग ................... .महिलाओं के लिए एक नयी सौगात आज ही जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

Aditi Poonam said...

कितनी खूबसूरत सौगात भेजी है
बसंत ने जाते-जाते ,सुंदर रचना और भी ज़्यादा
सुंदर चित्र .....साभार ...

पूरण खण्डेलवाल said...

सुन्दर रचना !!

madhu singh said...

prem ki khoobshurat saugat,sundar shrijan

ज्योति खरे said...

चूम भी लो अब
फूलों की पंखुडि‍यां
कि जाते बसंत ने
प्रेम की सौगात भेजी है...sunder pyar ki maheen anubhuti

संध्या शर्मा said...

वाह... फूलों की नाज़ुक पंखुड़ियों से खूबसूरत प्यार की सौगात और क्या हो सकती है... बहुत सुन्दर