Sunday, September 29, 2019

एक दि‍न......


वक्‍त नहीं होता
अब
जरूरत भी नहीं रहेगी...

जैसे आया था चुपचाप
वैसे ही
चला जाएगा प्रेम भी
एक दि‍न......

Thursday, September 26, 2019

प्रेम



'' प्रेम, दोनों ने कि‍या
मेरे पास
बची रहीं भावनाएं
उसके पास शब्‍द 
और फि‍र 
एक दि‍न प्रेम मर गया '' 

Friday, August 9, 2019

मुझको ही ढूँढा करोगे..


बेसबब आवारा
आख़िर कब तक फिरोगे
हुई शाम जो
घर को ही लौटोगे !

जागी रातों की
तन्हाइयों का हिसाब
अब किसे देना
है किससे लेना ?


दिल की रखो
अपने ही दिल में
कह गये तो देखना
फिर एक बार फँसोगे !

इतनी सी बात पे जो गये
उसे आवाज क्यों देना
कर लो किसी से भी मोहब्बत
उसमें मुझको ही ढूँढा करोगे...।

Saturday, July 27, 2019

अभी कुछ बाक़ी है ......


तुम भूल गए कल की बातें
या याद अभी कुछ बाक़ी है !!

पथरा गए एहसास सभी
या प्यार अभी कुछ बाक़ी है !!

जो कहना है, कह दो मुझसे
यह रात अभी कुछ बाक़ी है!!

वीरान हुआ दिल का उपवन
पर राग अभी कुछ बाक़ी है!!

Thursday, July 25, 2019

ज़रा और ......


बोसीदा मकान की 
दरारों से
कोई तो अंदर आएगा

चढ़ने दो सूरज को 
फलक पर और
ज़रा और ......

Friday, July 19, 2019

‘ज़िंदगी’

“ उजड़े दयार में
खिलने लगे हैं अब
फूल भी
तेरे जाने के बाद,
अब तीरगी की बात कौन करे !”




ज़िंदगी’
जी भर कर तन्हा कर दे मुझे
वादा है..
तुझसे मोहब्बत करती रहूँगी ।

Sunday, July 14, 2019

एकांत...


टुकड़ों में नींद
मुट्ठी भर याद
कुछ अधूरी सी बात
और बेहिसाब एकांत
चलो कर लूं आज
यादों की जुगाली
कि
जिंदगी में हर दरवाजा
आगे की ओर नहीं खुलता....

Saturday, July 6, 2019

शाम...



ढलती शाम 
टिमटिमाती यादें
थमी ज़िंदगी 

Tuesday, July 2, 2019

बारिश की पीठ.....



जाते हुए
एक झलक 
देखी थी ....
जैसे नींद में डूबा आदमी
उठे, और 
बारिश की पीठ देखे ....

Monday, July 1, 2019

यादों की कतरनों में .....



जाते-जाते
कहीं ठहर जाते हो
जैसे
पत्तियों में छुपी 
बारिश की कांपती कोई बूँद
दूर किसी
घर के कोने में
बजती कोई पहचानी सी धुन
यादों की कतरनों में
झिलमिलाता है
बार-बार एक चेहरा
जाते-जाते
रुक जाने से
कितना कुछ ठहर जाता है ....