Monday, April 1, 2013

उदासी मेरे जैसी.....



ये उदासी मेरे जैसी है, ये प्‍यार तेरे जैसा है

मैं खुद को खुद से मि‍लने नहीं देती
तू मुझको पास अपने आने नहीं देता

तेरा प्‍यार शीशी बंद खुश्‍बू, उड़ जाएगा
मेरा प्‍यार चंदन, घि‍सकर और महकता है

ये उदासी मेरे जैसी है, ये प्‍यार तेरे जैसा है

तस्‍वीर--साभार गूगल

6 comments:

Vikesh Badola said...

तेरा मेरा साथ होकर भी साथ नहीं....यही दर्दभरा भाव है इन पंक्तियों का, जो बहुत दुखदायी है।

Rajendra Kumar said...

बहुत ही भावपूर्ण एहसास,आभार.

Brijesh Singh said...

बहुत सुन्दर और सार्थक प्रस्तुति! मेरी बधाई स्वीकारें।
कृपया यहां पधार कर मुझे अनुग्रहीत करें-
http://voice-brijesh.blogspot.com

Reena Maurya said...

कोमल भावनात्मक रचना...

madhu singh said...

बहुत सुन्दर और भावपूर्ण

madhu singh said...

बहुत सुन्दर और भावपूर्ण