Wednesday, April 3, 2013

उम्र की शाख...


जिंदगी के दरख्त में
होती है उम्र की बस एक शाख

फिर गिरा आज एक पत्ता शाख से
हमने जिंदगी को कहा, शुक्रिया


( कल अपने जन्‍मदि‍न पर दो पंक्‍ति‍यां)

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वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है.....

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ठहर गई सांस मेरी
जब उसने फि‍र से कहा...वि‍दा
मुस्‍करा दि‍या मैंने
छुपाकर अपने आंसू कहा...वि‍दा

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 तस्‍वीर--ठाकुरगांव के रास्‍ते पर एक पेड़, जि‍सकी शाख में जाने कि‍सने इतने कपड़े बांधें हैं....

12 comments:

दिगम्बर नासवा said...

वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है...

बहुत खूब ... हर शब्द कहानी कह रहा है ... हल छंद जैसे अपनी ही जुबानी कह रहा है ...
लाजवाब भाव लिए ...

dr.mahendrag said...

वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है.....

हर लम्हा खास होता है,पर जरा अहसास करने की जरुरत है ......सुन्दर रचना

रश्मि प्रभा... said...

मन्नतों का क्या है ... कब कहाँ पूरी हो जाये

jyoti khare said...

गहन अनुभूति बेहतरीन रचना
जीवंत
बहुत बहुत बधाई

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है.

भावपूर्ण सुंदर पंक्तियाँ,,,,,

Recent post : होली की हुडदंग कमेंट्स के संग

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है.

सुंदर भावपूर्ण पंक्तिया,,,,

Recent post : होली की हुडदंग कमेंट्स के संग

ब्लॉग बुलेटिन said...

आज की ब्लॉग बुलेटिन इंडिया बनाम भारत.. ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Rajendra Kumar said...

बहुत ही बेहतरीन रचना,आभार.

सुशील बाकलीवाल said...

गुजरते चले जा रहे वक्त की कविताई भावों में बेहतरीन अभिव्यक्ति.

Suman said...

वक्‍त बीतने के बाद अहसास होता है
जो छूट गया वो लम्‍हा खास होता है.....
इसलिए वर्तमान पल को जीना चाहिए ताकि, छूटने का गम न हो !
सुन्दर सार्थक रचना ...आभार !

vandana gupta said...

बहुत सुन्दर अहसास …………जन्मदिन की शुभकामनायें।

कविता रावत said...

यही नियति है और प्रकृति का खेल है. ...बहुत बढ़िया प्रस्तुति ..