Tuesday, January 20, 2015

कवि‍ता संग्रह '' नदी को सोचने दो'' लोकार्पित

कि‍ताब का लोकार्पण करते
बाएं से....

ललन चतुर्वेदी, कामेश्‍वर प्रसाद नि‍रंकुश, पांडेय दयानंद शर्मा,  डा. शि‍वशंकर मि‍श्र, डा. अशोक प्रि‍यदर्शी,  डा. वि‍द्याभूषण, रश्‍मि‍ शर्मा,  डा. मायाप्रसाद, डा. शैलेश पंडि‍त, वीना श्रीवास्‍तव एवं डा. वि‍नय भरत, 


                                                           संबोधि‍त करती मैं


दर्शक दीर्घा में उपस्‍थि‍त सांसद रामटहल चौधरी, यदुनाथ पांडेय सहि‍त शहर के साहि‍त्‍यकार व प्रबुद़धजन 




3 comments:

इंतज़ार said...

इस भव्य लोकार्पण के लिये बधाई ....

रश्मि शर्मा said...

Thank u

Vasundhara Pandey said...

बहुत बहुत बधायी रश्मि ..!