Monday, September 9, 2013

अब लौट ही जाओ तुम....


प्‍यार के परि‍दें ने
भर ली
बहुत उंची उड़ान
नम हवाओं के झोंके से
गीले हो गए उसके पांख
देखो
धरती पर आ गि‍रा वह
मगर नि‍कले नहीं हैं
अब तक उसके प्राण
आओ
छिड़क दो जरा नमक
उसके जख्‍मों पर
दो सजा उसे
उसके मुक्‍त उड़ान की
कुचल डालो आत्‍मविश्‍वास
कि
अपनी पंखों पर इतना
क्‍यों था उसे गुमान
कि‍या था क्‍यों
अपने प्‍यार पर इतना अभि‍मान

अब तड़प रहा है परिंदा
अपनी आंखों से देख
नि‍ष्‍कलुष प्‍यार की उड़ान पर
उठते इतने सवाल
सनो...
अब लौट ही जाओ तुम
अपने अरण्‍य में
मैं भी चल दूं कि‍स्‍मत के तय
नि‍ष्‍कटंक राहों पर
मगर चलो पहले
मुट़ठी में भर लें हम और नमक
डाल दें
उस तड़फड़ाते परि‍दें के जख्‍मों पर
और
मानकर मृत दफ़ना दे
यहीं कि‍सी नीले गुलमोहर के तले
सुनो......
अब लौट ही जाओ तुम...लौट जाओ

तस्‍वीर--साभार गूगल 

16 comments:

Aziz Jaunpuri said...

सुन्दर और भावपूरित रचना

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति,,,

RECENT POST : समझ में आया बापू .

Aditi Poonam said...



बहुत सुंदर दिल को छू लेनेवाली रचना....
साभार.....

Aditi Poonam said...

मन को छू लेने वाली अभिव्यक्ति....
बहुत सुंदर....साभार....

Lalit Chahar said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. हिंदी लेखक मंच पर आप को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपके लिए यह हिंदी लेखक मंच तैयार है। हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपका योगदान हमारे लिए "अमोल" होगा |

मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003

Lalit Chahar said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. हिंदी लेखक मंच पर आप को सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपके लिए यह हिंदी लेखक मंच तैयार है। हम आपका सह्य दिल से स्वागत करते है। कृपया आप भी पधारें, आपका योगदान हमारे लिए "अमोल" होगा |

मैं रह गया अकेला ..... - हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल - अंकः003

parul chandra said...

सुन्दर रचचना ... आपको बधाई

ajay yadav said...

बहुत सुंदर भाव लिए अभिव्यक्ति .....
नई पोस्ट “ हर संडे....., डॉ.सिन्हा के संग !"

HARSHVARDHAN said...

आज की विशेष बुलेटिन तीन महान विभूतियाँ और ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

HARSHVARDHAN said...

आज की विशेष बुलेटिन तीन महान विभूतियाँ और ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

Rajesh Kumari said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार १० /९ /१३ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी आपका वहाँ हार्दिक स्वागत है ।

कालीपद प्रसाद said...


हृदयस्पर्शी भावपूर्ण रचना
latest post: यादें

Pratibha Verma said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति। ।

Darshan jangra said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - बुधवार - 11/09/2013 को
आजादी पर आत्मचिन्तन - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः16 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





वसुंधरा पाण्डेय said...

अत्यंत मार्मिक ...!!

राजीव कुमार झा said...

दिल को छू लेनेवाली .अभिव्यक्ति ...