Sunday, July 14, 2013

जरूर सोचना....


रूक जाओ
जरा देर के लिए
जब लगे
प्‍यार आदत में 
तब्‍दील हो चली है
और अब यह
उतना ही सामान्‍य
रह गया है
जैसे
रोजमर्रा की बातें
तब एक बार
ठहरना
और जरूर सोचना
प्‍यार के गोमुख के आगे
कोई हिमशिला तो नहीं............


तस्‍वीर--साभार गूगल

7 comments:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत खूब,सुंदर अभिव्यक्ति,,,

RECENT POST : अपनी पहचान

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन बेचारा रुपया - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत ही खूबसूरत.

रामराम.

expression said...

वाह...
बहुत सुन्दर बात कही....

अनु

Madan Mohan saxena said...

वाह.बहुत खूब,सुंदर अभिव्यक्ति,,,

sushma 'आहुति' said...

ek katu sach....

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

अच्छी रचना
बहुत सुंदर