Tuesday, May 26, 2026

बाद तुम्‍हारे...

 


बाद तुम्‍हारे,

बातें कम होती गईं, सपने रूठ गए

खुद को, दुन‍िया भर के खूबसूरत दृश्‍यों को

आंखें देखतीं, पर उनमें ठहरता नहीं कुछ 

मगर न रोई नहीं, न अफसोस क‍िया 

न पुकारा पीछे से , न बददुआ आई होंठो पर 

बाद तुम्‍हारे,

बस यही सोचती हूं हर बार, जब तुम याद आते हो

जो गुजरा, बहुत हसीन था

शायद इसल‍िए वो वक्‍त, बहुत कम था। 

6 comments:

Digvijay Agrawal said...

 आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 30 मई, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

दिगम्बर नासवा said...

कहाँ कहाँ न गया ... यादें ... यादें ...

सुशील कुमार जोशी said...

सुंदर

Anita said...

सुंदर भावपूर्ण

Anita said...

सुंदर अहसास

Onkar Kedia said...

बहुत सुंदर