बाद तुम्हारे,
बातें कम होती गईं, सपने रूठ गए
खुद को, दुनिया भर के खूबसूरत दृश्यों को
आंखें देखतीं, पर उनमें ठहरता नहीं कुछ
मगर न रोई नहीं, न अफसोस किया
न पुकारा पीछे से , न बददुआ आई होंठो पर
बाद तुम्हारे,
बस यही सोचती हूं हर बार, जब तुम याद आते हो
जो गुजरा, बहुत हसीन था
शायद इसलिए वो वक्त, बहुत कम था।
6 comments:
आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में शनिवार 30 मई, 2026 को लिंक की जाएगी .... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!
कहाँ कहाँ न गया ... यादें ... यादें ...
सुंदर
सुंदर भावपूर्ण
सुंदर अहसास
बहुत सुंदर
Post a Comment