Tuesday, May 26, 2026

बाद तुम्‍हारे...

 


बाद तुम्‍हारे,

बातें कम होती गईं, सपने रूठ गए

खुद को, दुन‍िया भर के खूबसूरत दृश्‍यों को

आंखें देखतीं, पर उनमें ठहरता नहीं कुछ 

मगर न रोई नहीं, न अफसोस क‍िया 

न पुकारा पीछे से , न बददुआ आई होंठो पर 

बाद तुम्‍हारे,

बस यही सोचती हूं हर बार, जब तुम याद आते हो

जो गुजरा, बहुत हसीन था

शायद इसल‍िए वो वक्‍त, बहुत कम था। 

No comments: