बाद तुम्हारे,
बातें कम होती गईं, सपने रूठ गए
खुद को, दुनिया भर के खूबसूरत दृश्यों को
आंखें देखतीं, पर उनमें ठहरता नहीं कुछ
मगर न रोई नहीं, न अफसोस किया
न पुकारा पीछे से , न बददुआ आई होंठो पर
बाद तुम्हारे,
बस यही सोचती हूं हर बार, जब तुम याद आते हो
जो गुजरा, बहुत हसीन था
शायद इसलिए वो वक्त, बहुत कम था।
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