शर्ट ख़रीदा उस दिन । अपनी फ़ेवरेट ब्लू जीन्स के साथ व्हाइट शर्ट। झक्क सफ़ेद। उसने कहा - 'एकदम व्हाइट शर्ट क्यों पहनती हो। कोई प्रिंट लेना था। कुछ लिखा ही होता तो क्या बुरा था ...'
मैंने कहा- पेन देती हूँ। तुम ही लिख दो। देखूँ ज़रा क्या लिखते हो .....
'You aur mine '...बस ये तीन शब्द लिख दूँगा मैं। घूमती रहना फिर पहन के।
अब भी रखा है संभालकर वो शर्ट। बिलकुल ख़ाली है। मगर जब भी हाथ में लेती हूँ....प्रिंट दिखता है ....


2 comments:
ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, जोकर “ , मे आप की पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !
Very nice
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