Friday, March 28, 2014

तुम याद आओगे.....

एक सपना था
टूट गया
याद आएगा वो
अब टुकड़ों में ...

तुम्‍हारा आना
और चले जाना
ठीक ऐसा है
जैसे आकाश में
अभी टि‍मटि‍माते
ढेर से तारे थे और
अब काली बदली ने
ढक लि‍या उन्‍हें ..

तुम हो
यहीं कहीं..आसपास
मगर मेरी नजरों से
अब हो गए ओझल
तुम्‍हारा होना ही
शायद एक सपना था
टूट गया....

अब तुम याद आओगे
पलों में, महीनों में
पूरे जीवन में
मेरी आंखें नम होती रहेंगी
तुम्‍हारे इंतजार में...




जिंदगी रंगों का पि‍टारा है.....अलग-अलग शेड्स के सामने आते हैं। कई बार अयाचि‍त खुशी मि‍लती है तो कई बार ऐसी चीजों से सामना हो जाता है जि‍सकी कभी हमने कल्‍पना भी नहीं की थी।

यही बात जीवन में आए लोगों के साथ है। कोई साथ रहता इतना घुलमि‍ल जाता है कि‍ हम उसे अलग से कोई महत्‍व नहीं देते। उस रि‍श्‍ते को 'टेकन फॉर गारंटेड' लेते हैं। जैसे कि‍....जो है साथ....उसे रहना ही है...हमेशा..इसी रूप में।
 सच कहा है कि‍सी ने.....हमें कि‍सी की अहमि‍यत तब समझ आती है जब वो हमसे दूर हो जाता है।

क्‍यों खोने देते हैं उसे हम...जो कभी अपना था.....क्‍यों नहीं रोकते उसे आगे बढ़कर....पता हो जब कि‍ उसके जाने से बहुत कुछ बदल जाएगा....

मगर जिंदगी इसे ही कहते हैं.......अगर आंसुओं में फैसले बदल देने की ताकत होती.....तो कोई नहीं होता कभी कि‍सी से दूर......