Monday, March 4, 2013

मायने ....



कोई एक रि‍श्‍ता
बनाना चाहता है
और कोई बस संभालना

ह्रदयतल से उठी चाहत को
शब्‍द देना
नि‍हायत ही बेवकूफ़ाना कदम होता है

जबकि पता हो आपको कि
शब्‍द कुछ दूर चलकर अपने मायने बदल देते हैं......


तस्‍वीर--पलाश के फूलों से लाल हुआ जा रहा है जंगल...मेरे कैमरे को बह़त भा गया पलाश

5 comments:

रविकर said...

शब्दों के मायने बदल जाते हैं-
कई कारकों के प्रभाव से-
बढ़िया बात कही है आदरेया-
आभार-

Aditi Poonam said...

बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति
साभार..........

MANU PRAKASH TYAGI said...

सुंदर रचना

Rajesh Kumari said...

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार 5/3/13 को चर्चा मंच पर राजेश कुमारी द्वारा की जायेगी आपका स्वागत है|

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

सुंदर भावाभिव्यक्ति,,,

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