Saturday, February 9, 2013

चॉकलेट डे......



दुनि‍या में
चीज ऐसी भी होती है
जि‍सके लि‍ए मन
कभी-कभी
बेईमान हो जाता है

क्‍या हुआ जो आज मेरा हो गया
पर फि‍र सोचा
चलो बांट लेते हैं आधा-आधा

नाराज न हो
अब मान भी जाओ
लो....खुश हो जाओ

कि‍( आज है................

तस्‍वीर--साभार गूगल

4 comments:

शालिनी कौशिक said...

.सराहनीय अभिव्यक्ति ये क्या कर रहे हैं दामिनी के पिता जी ? आप भी जाने अफ़रोज़ ,कसाब-कॉंग्रेस के गले की फांस

रविकर said...

चाक समय का चल रहा, किन्तु आलसी लेट |
लसा-लसी का वक्त है, मिस कर जाता डेट |
मिस कर जाता डेट, भेंट मिस से नहिं होती |
कंधे से आखेट, रखे सिर रोती - धोती |
बाकी हैं दिन पाँच, घूमती बेगम मयका |
मन मयूर ले नाच, घूमता चाक समय का ||

रविकर said...

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति का लिंक लिंक-लिक्खाड़ पर है ।।

काजल कुमार Kajal Kumar said...

:)