Thursday, February 7, 2013

रोज डे........



तुम चुप
मैं चुप
शब्‍दहीन शाम
बोलेगा
तो बस
ये
गुलाबी गुलाब

........सुना.....क्‍या कहा इसने.....बताओ तो......

तस्‍वीर--साभार गूगल

15 comments:

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर अहसास ...
ये गुलाब ही बोलेगा...
:-)

Anupama Tripathi said...

सुंदर एहसास ....बहुत सुंदर भाव ...

yashoda agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 16/02/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

yashoda agrawal said...

भूल सुधार

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 09/02/2013 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

संध्या शर्मा said...

कहा मेरी तरह मुस्कुराते रहो... शुभकामनायें

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

सबनम हो कहकशां हो सितारे गुलाब हों,
जो शै तुम्हारे सामने आई ,निखर गई,,,,


RECENT POST: रिश्वत लिए वगैर...

Pratibha Verma said...

बहुत सुंदर भाव ...

अरूण साथी said...

prem

अरूण साथी said...

sundar...bahut sundar

रविकर said...

बढ़िया है जी ||

Rewa said...

wah!bahut sundar...kam shabd par ehsas say bhari rachna..

Yashwant Mathur said...

बेहतरीन


सादर

Parul kanani said...

waah...gagar mein sagar :)...

madhu singh said...

सुन्दर अहसास

sushma 'आहुति' said...

खुबसूरत अभिवयक्ति....