तुम......तुम.....बस तुम
ढलती सांझ में तुम
धवल चांदनी में तुम
चुप सरकती रात में तुम
भोर की पहली किरण में तुम
तुम......तुम.....बस तुम
लबों की हर जुम्बिश में तुम
आंखों के हर ख्वाब में तुम
मुझ तक पहुंची हर आवाज में तुम
आती-जाती हर सांस में तुम
तुम......तुम.....बस तुम
तस्वीर--साभार गूगल
फूल से खिली खिली सुन्दर मुस्कुराती प्रस्तुति ....
ReplyDeleteफूल से खिली खिली सुन्दर मुस्कुराती प्रस्तुति ....
ReplyDeleteबहुत सुन्दर रचना
ReplyDeleteprem kii sunder abhivyakti ....:))
ReplyDeleteजित देखूँ तित तू ,
ReplyDelete- सुन्दर !
सुंदर प्रस्तुति |
ReplyDeleteबहुत सुन्दर ...गड्तंत्र दिवस की हार्दिक बधाई ...
ReplyDeleteबहुत सुंदर अभिव्यक्ति,,,
ReplyDeleteगणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,
recent post: गुलामी का असर,,,
ReplyDeleteलबों की हर जुम्बिश में तुम
आंखों के हर ख्वाब में तुम
मुझ तक पहुंची हर आवाज में तुम
आती-जाती हर सांस में तुम
तुम......तुम.....बस तुम...पूरी तरहा समर्पित भाव !