Wednesday, November 7, 2012

हमसे रोया नहीं जाता.......

इतनी गहरी न करो पैवस्‍त
दि‍ल में हमारे बातों का ख्ंजर
दर्द से आंख भर आती है मगर
हमसे रोया नहीं जाता.......

तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता......

13 comments:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत उम्दा अभिव्यक्ति ,,,,,

कौन रोता है किसी और की खातिर ऐ दोस्त,
सब को अपनी ही किसी बात पर रोना आया,,,,,

रश्मि जी,,,,बहुत दिनों मेरे पोस्ट पर नही आई,,,
आइये,,,,आपका स्वागत है,,

RECENT POST:..........सागर

Dr.NISHA MAHARANA said...

तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता....bahut marmik abhiwayakti....adhiktar aisee isthiti se do char hona padta hai....

Dr.NISHA MAHARANA said...

pata nahi comments kahan ja rahe hain..

Rohitas ghorela said...

तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता...

bahut hi achchi v lajwab post


welcome to my blog...
Thank You.

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

बहुत उम्दा अभिव्यक्ति ,,,,,

RECENT POST:..........सागर

Kailash Sharma said...

तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता....

....वाह! निशब्द करता एक नया अंदाज़..लाज़वाब

Gajadhar Dwivedi said...

कविता ने सबकुछ कह दिया है और जो नहीं कहा जा सका है उसे कहने का कोई उपाय नहीं हैा कविता सहज संप्रेषणीय है, इसके लिए धन्‍यवाद

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

बहुत सुंदर

madhu singh said...

sundar prastuti,............khada hai तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता......

Rajesh Kumari said...

दर्द की जब इन्तहा होती है तो आह भी निकलनी बंद हो जाती है बहुत सुन्दर शब्दों में हाले दिल बयान किया है

Kuldeep Sing said...

सुंदर रचना... कभी आना... http://www.kuldeepkikavita.blogspot.com

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

दर्द सहो-आँसू पियो, भर जायेगा पेट।
रो-धोकर के मत करो, अपना मटियामेट।।

madhu singh said...

बहुत सुंदर दर्द से आंख भर आती है मगर
हमसे रोया नहीं जाता.......

तड़पते हैं बहुत तो
दि‍ल से आह नि‍कल जाती है
मगर लब नहीं खुलते, और
हमसे कुछ कहा नहीं जाता......