Friday, July 8, 2011

आंखें


मेरी आंखों में जागो
मेरी आंखों में सोओ
सुनो प्रि‍य
जब पलक झपके मेरी
तो नैनों में
कैद हो जाना तुम.....
जतन लाख करे कोई
इनमें से
न जाना तुम
आंसू बनकर भी
इन आंखों से
कहीं न ढलक जाना तुम
मेरी आंखों में रहना
मेरी आंखों से जागना
और जब
जाना ही पड़े मुझसे दूर
अंति‍म बार
अपने हाथों से मेरी
पलकों को
हमेशा के लि‍ए
मूंद जाना तुम .....

2 comments:

बारिशें said...

कैसा खूबसूरत है यह छोटा सा दिल तुम्हारा ... हमें अपने ज़माने की प्यार में पागल लड़कियां याद आ गयीं ...

आप बहुत अच्छा लिख रहीं हैं बेटा ... बहुत खुश रहें और लिखती रहें ...

Pawan Tawania said...

Jaishreekrishna Bahut khubsurat