Monday, April 4, 2016

फूल...


खि‍ला हूं..नि‍हार लो...
कल मुरझाना ही है
वक्‍त रहते समेट लो
यादों में..ख्‍यालों में
हरदम खि‍ला ही रहेगा
रहती कायनात तक......


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