रूप का तिलिस्म जब अरूप का सामना करे, तो बेचैनियां बढ़ जाती हैं...
बहुत सुन्दर
सुंदर !
रचना पसंद आई।
चाहत दोनों ही हैं ... किसी एक को निभाना आसान नहीं ...
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