का़यनात की खूबसूरती ..
पिछले दिनों
मैंने जमा किए थे
अपने हाथों में
ढेर सारे जुगनू
धनक के सारे रंग
खूबसूरत फूलों पर
मंडराने वाली
रंग-बिरंगी तितलियां
बस एक तेरी खा़तिर
अब जब तू ही नहीं
मैं खोल देती हूं हथेली
उड़ा देती हूं सारे रंग
यूं भी
हथेलियों में
कैद नहीं करनी चाहिए
का़यनात की खूबसूरती ...
तस्वीर--साभार गूगल
बहुत सुन्दर
ReplyDeletebahut sundar jugnu ki tarah chmkti rachna
ReplyDeleteभावो को खुबसूरत शब्द दिए है अपने...
ReplyDeleteबढ़िया है आदरेया-
ReplyDeleteआभार -
उम्दा प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...
ReplyDeleteका़यनात की खूबसूरती ..जैसे पोस्ट
ReplyDeleteइंसान कि जमा व अधित्पत्य करने की आदत पर सुन्दर अभिव्यक्ति.कायनात ने खूबसूरती देखने व आनंद लेने को बनाई है.कुछ लोगों के कैद करने को नहीं.
ReplyDeleteबहुत सुन्दर